
दुनिया की दौलत के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। Elon Musk की नेटवर्थ सिर्फ 4 दिनों में 150 बिलियन डॉलर बढ़कर 750 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। इसके साथ ही मस्क इतने बड़े निजी धन के मालिक बनने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं। उनकी संपत्ति में यह उछाल टेक शेयरों में तेजी, निवेशकों के भरोसे और उनकी कंपनियों के वैल्यूएशन बढ़ने से आया है।
आंकड़ों के मुताबिक, मस्क की मौजूदा नेटवर्थ कई देशों की पूरी अर्थव्यवस्था से भी ज्यादा है। उनकी कुल संपत्ति पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों की GDP से ऊपर बताई जा रही है। यह तुलना दिखाती है कि ग्लोबल इकॉनमी में टेक उद्यमियों और कॉरपोरेट वैल्यूएशन की ताकत किस स्तर तक पहुंच चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मस्क की संपत्ति में इतनी तेज बढ़ोतरी शेयर बाजार की धारणा, भविष्य की टेक्नोलॉजी पर दांव और बड़े निवेश सौदों का नतीजा है। टेस्ला, स्पेसएक्स और उनसे जुड़े अन्य वेंचर्स के मूल्यांकन में आई तेजी ने उनकी नेटवर्थ को नई ऊंचाई पर पहुंचाया। हालांकि, इतनी तेज बढ़त के साथ उतार-चढ़ाव का जोखिम भी बना रहता है।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, मस्क की रिकॉर्ड तोड़ दौलत एक ओर जहां इनोवेशन और उद्यमिता की ताकत दिखाती है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक असमानता पर भी सवाल खड़े करती है। जब एक व्यक्ति की संपत्ति कई देशों की GDP से बड़ी हो जाए, तो यह मौजूदा आर्थिक ढांचे और धन के बंटवारे पर नई बहस को जन्म देता है।

