
FASTag यूजर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। 1 फरवरी से FASTag के लिए KYC (Know Your Customer) प्रोसेस खत्म की जा रही है, जिससे वाहन मालिकों को बार-बार अपने दस्तावेज अपडेट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह फैसला टोल भुगतान को और सरल व निर्बाध बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
अब तक कई वाहन मालिकों को KYC अधूरी होने या बार-बार अपडेट की मांग के कारण FASTag ब्लॉक होने की समस्या झेलनी पड़ती थी। नए नियम लागू होने के बाद यह परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी और टोल प्लाजा पर रुकावटें कम होंगी।
नई व्यवस्था के तहत बैंक और FASTag जारी करने वाली एजेंसियां खुद वाहन मालिकों के डेटा का वेरिफिकेशन करेंगी। इससे प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और ऑटोमेटेड हो जाएगी, जबकि यूजर्स पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।
परिवहन मंत्रालय का मानना है कि इस बदलाव से डिजिटल टोल सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और देशभर में FASTag उपयोग का अनुभव बेहतर होगा। साथ ही टोल कलेक्शन में भी तेजी आएगी।

