FIR दर्ज होते ही ‘अंतर्ध्यान’ हुए उत्तम स्वामी महाराज: यौन शोषण के गंभीर आरोप; पुलिस दे रही दबिश, आश्रम में सन्नाटा ?

अध्यात्म की आड़ में घिनौने खेल का एक और मामला सामने आया है। अपने प्रवचनों से लाखों अनुयायियों को मंत्रमुग्ध करने वाले उत्तम स्वामी महाराज अब कानून के शिकंजे में हैं। जैसे ही पुलिस ने उनके खिलाफ यौन शोषण (Sexual Harassment) की धाराओं में FIR दर्ज की, महाराज अचानक गायब हो गए हैं। सूत्रों की मानें तो गिरफ्तारी के डर से वे अपना ठिकाना बदल रहे हैं।

प्रमुख घटनाक्रम: भक्तों की आस्था को लगा झटका

पीड़िता ने महाराज पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि धर्म और आशीर्वाद के नाम पर उसका शारीरिक शोषण किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

  • FIR का खौफ: पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने की खबर जैसे ही महाराज के कानों तक पहुँची, वे रातों-रात गायब हो गए।
  • मोबाइल स्विच ऑफ: पुलिस महाराज के मोबाइल लोकेशन को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है, लेकिन फिलहाल उनका फोन बंद आ रहा है।
  • आश्रम में हलचल: महाराज के प्रमुख ठिकानों और आश्रमों पर पुलिस की टीमें पहुँच रही हैं, लेकिन वहां केवल सन्नाटा पसरा हुआ है। सेवादारों से पूछताछ जारी है।

क्या है पूरा मामला?

पीड़िता ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि उत्तम स्वामी महाराज ने उसे डरा-धमका कर और आध्यात्मिक प्रभाव का इस्तेमाल कर लंबे समय तक उसका शोषण किया। जब महिला ने विरोध किया, तो उसे परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। हिम्मत जुटाकर अब पीड़िता ने कानून का दरवाजा खटखटाया है।

कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह कितना ही बड़ा धर्मगुरु क्यों न हो। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है और आरोपी की तलाश में टीमें रवाना कर दी गई हैं।” — पुलिस अधीक्षक

भक्तों में आक्रोश और हैरानी

सोशल मीडिया पर यह खबर आग की तरह फैल रही है। जहां कुछ अनुयायी इसे साजिश बता रहे हैं, वहीं आम जनता में इस बात को लेकर गुस्सा है कि धर्म की आड़ में ऐसे कृत्य कब तक चलते रहेंगे।

बाबाओं के विवादों में फंसने और फिर फरार होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। अब देखना यह है कि प्रशासन उत्तम स्वामी महाराज को कब तक सलाखों के पीछे पहुँचा पाता है।

  • Gaurav Singh

    Gaurav Singh

    Related Posts

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    उज्जैन, मध्यप्रदेश — उज्जैन में अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा…

    आगे पढ़ें
    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ₹20,000 करोड़ की माइक्रोफाइनेंस क्रेडिट गारंटी योजना (MFI Credit Guarantee…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    उज्जैन में 3-5 अप्रैल 2026 को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ – मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    ₹20,000 करोड़ MFI क्रेडिट गारंटी योजना का असर: NBFC-MFI सेक्टर को राहत या सीमित फायदा?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    बंगाल का रण और चुनाव आयोग के फैसले: क्या अधिकारियों के तबादले तय करेंगे सत्ता का भविष्य?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    राजनीति के ‘शिखर’ और जनसेवा के ‘पर्याय’: क्या अपनों की ही घेराबंदी का शिकार हो रहे हैं जननायक संजय पाठक?

    ‘मुखिया’ की पसंद भी ठुकराई, ADG साहब की नज़र अब दिल्ली के दरबार पर

    ‘मुखिया’ की पसंद भी ठुकराई, ADG साहब की नज़र अब दिल्ली के दरबार पर