
आज के दौर में फिट और आकर्षक दिखने की चाहत ने युवाओं को Fitness Obsession यानी फिटनेस के प्रति जुनूनी बना दिया है। सोशल मीडिया, दोस्तों और समाज के दबाव में कई युवा जिम, डाइट और बॉडी शेप को लेकर इतने गंभीर हो गए हैं कि उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार, फिटनेस का असली मकसद स्वस्थ रहना और आत्म-संतुलन पाना होना चाहिए, न कि दिखावे या तुलना के लिए खुद को थकाना।
Fitness Obsession तब होता है जब कोई व्यक्ति अपने शरीर, डाइट और एक्सरसाइज रूटीन को लेकर अत्यधिक चिंतित और नियंत्रित हो जाता है। ऐसे लोग दिन में कई बार वर्कआउट करते हैं, खाने में हर चीज को लेकर तनाव में रहते हैं और अगर एक दिन एक्सरसाइज न हो पाए तो गिल्ट और एंग्जायटी महसूस करते हैं। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के पास अब हर हफ्ते ऐसे 3–4 केस पहुंच रहे हैं, जिनमें युवा इस जुनून की चपेट में हैं

