
गाजा में जारी संघर्ष और मानवीय संकट के बीच शांति प्रयासों को तेज करने के लिए एक अहम कूटनीतिक पहल सामने आई है। गाजा के लिए गठित किए जा रहे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में अब 8 इस्लामिक देशों के शामिल होने की घोषणा की गई है। इस पहल का मकसद क्षेत्र में स्थायी शांति, मानवीय सहायता और राजनीतिक समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना बताया जा रहा है।
इस बोर्ड में कतर, तुर्किये और पाकिस्तान जैसे प्रमुख इस्लामिक देशों की भागीदारी तय मानी जा रही है। इसके अलावा अन्य इस्लामिक देशों के प्रतिनिधि भी इस मंच का हिस्सा होंगे। इन देशों की भूमिका गाजा में युद्धविराम, राहत कार्यों और भविष्य की राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम मानी जा रही है।
इस संबंध में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त बयान भी जारी किया है। बयान में गाजा में हिंसा को तत्काल रोकने, आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मानवीय सहायता के निर्बाध प्रवाह पर जोर दिया गया है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांति प्रयासों का समर्थन करने की अपील की गई है।
राजनयिक विश्लेषकों का मानना है कि गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में इस्लामिक देशों की सामूहिक भागीदारी मध्य-पूर्व संकट के समाधान की दिशा में एक संगठित और प्रभावी पहल हो सकती है। यदि यह मंच सक्रिय और संतुलित भूमिका निभाता है, तो आने वाले समय में गाजा संकट के समाधान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा तय हो सकती है।









