
मध्य पूर्व में बड़े स्तर पर शहरी पुनर्निर्माण की चर्चा के बीच गाजा को एक अत्याधुनिक स्मार्ट सिटी में बदलने की योजना सामने आई है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक, इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब ₹9.3 लाख करोड़ बताई जा रही है। योजना में दावा किया गया है कि गाजा को भविष्य के शहर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सुविधाएं और विश्वस्तरीय ट्रांसपोर्ट सिस्टम मौजूद होंगे। यह परियोजना न सिर्फ गाजा की तस्वीर बदलने का वादा करती है, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा देने की बात करती है।
इस प्रस्ताव में Donald Trump की सरकार की अहम भूमिका बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प सरकार इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए करीब ₹5 लाख करोड़ की फंडिंग दे सकती है। समर्थकों का कहना है कि अमेरिकी निवेश से गाजा में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। हालांकि, इस योजना को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर बहस तेज हो गई है।
प्रस्तावित स्मार्ट सिटी मॉडल के तहत गाजा में लग्जरी रिसॉर्ट्स, आधुनिक हाउसिंग प्रोजेक्ट्स, बिजनेस हब और टूरिज्म जोन विकसित करने की बात कही गई है। इसके अलावा हाई-स्पीड ट्रेन नेटवर्क की भी योजना है, जिससे गाजा को आसपास के प्रमुख क्षेत्रों से तेज और आधुनिक कनेक्टिविटी मिलेगी। स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, ग्रीन एनर्जी, समुद्री तट के पास प्रीमियम इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल गवर्नेंस इस प्रोजेक्ट के अहम हिस्से बताए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर यह योजना जमीनी स्तर पर लागू होती है तो Gaza की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक हालात, सुरक्षा चिंताएं और स्थानीय सहमति जैसे मुद्दे इस प्रोजेक्ट की राह में बड़ी चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि यह महत्वाकांक्षी योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या वास्तव में गाजा के भविष्य को नई दिशा दे पाती है।

