
वॉशिंगटन: अमेरिका में सांसदों के एक समूह ने एक नया बिल पेश किया है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का नेतृत्व ग्रीनलैंड जैसे विदेशी क्षेत्रों पर सैन्य या राजनीतिक तरीकों से नियंत्रण स्थापित नहीं कर सके। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ग्रीनलैंड को अमेरिकी सुरक्षा हितों के लिए “रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण” बताया था।
नए बिल में स्पष्ट किया गया है कि नाटो गठबंधन के सदस्य देशों या उनके क्षेत्रों पर किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई, दबाव, या कब्ज़े के प्रयास पर रोक लगानी चाहिए। बिल के समर्थक सीनेटरों का कहना है कि अमेरिका की विदेश नीति सहयोग और गठबंधन पर आधारित है, और ऐसे क्षेत्रीय अधिग्रहण जैसे प्रयास नाटो की एकता और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह बिल न केवल ग्रीनलैंड के मुद्दे को संबोधित करता है, बल्कि भविष्य में किसी भी इसी तरह के कदम को रोकने के लिए एक ढांचा भी तैयार करता है। ग्रीनलैंड वर्तमान में डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है और नाटो का हिस्सा भी, इसलिए किसी भी बाहरी कार्रवाई का प्रभाव सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर पड़ सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी संसद के भीतर इस विषय पर bipartisanship (दोनों दलों के समर्थन) का मिलना यह संकेत देता है कि कांग्रेस राष्ट्रपति पद पर आने वाली किसी भी प्रशासनिक टीम को स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि ऐसे कदमों के लिए कोई संस्थागत समर्थन नहीं मिलेगा।
फिलहाल बिल को समिति में भेजा गया है, जहाँ आगे चर्चा और संशोधन की प्रक्रिया शुरू होगी। उसके बाद ही इसे वोटिंग के लिए सदन में लाया जाएगा।वॉशिंगटन: अमेरिका में सांसदों के एक समूह ने एक नया बिल पेश किया है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का नेतृत्व ग्रीनलैंड जैसे विदेशी क्षेत्रों पर सैन्य या राजनीतिक तरीकों से नियंत्रण स्थापित नहीं कर सके। यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ग्रीनलैंड को अमेरिकी सुरक्षा हितों के लिए “रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण” बताया था।
नए बिल में स्पष्ट किया गया है कि नाटो गठबंधन के सदस्य देशों या उनके क्षेत्रों पर किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई, दबाव, या कब्ज़े के प्रयास पर रोक लगानी चाहिए। बिल के समर्थक सीनेटरों का कहना है कि अमेरिका की विदेश नीति सहयोग और गठबंधन पर आधारित है, और ऐसे क्षेत्रीय अधिग्रहण जैसे प्रयास नाटो की एकता और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह बिल न केवल ग्रीनलैंड के मुद्दे को संबोधित करता है, बल्कि भविष्य में किसी भी इसी तरह के कदम को रोकने के लिए एक ढांचा भी तैयार करता है। ग्रीनलैंड वर्तमान में डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है और नाटो का हिस्सा भी, इसलिए किसी भी बाहरी कार्रवाई का प्रभाव सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर पड़ सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी संसद के भीतर इस विषय पर bipartisanship (दोनों दलों के समर्थन) का मिलना यह संकेत देता है कि कांग्रेस राष्ट्रपति पद पर आने वाली किसी भी प्रशासनिक टीम को स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि ऐसे कदमों के लिए कोई संस्थागत समर्थन नहीं मिलेगा।
फिलहाल बिल को समिति में भेजा गया है, जहाँ आगे चर्चा और संशोधन की प्रक्रिया शुरू होगी। उसके बाद ही इसे वोटिंग के लिए सदन में लाया जाएगा।

