
सार
शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: शिवपुरी के ग्राम गोरा टीला स्थित सिद्ध बाबा नाले/झरने के पानी के उपयोग के बाद चार बच्चों की मौत की दुखद घटना ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की दो टीमों ने प्रभावित परिवारों की जांच करते हुए 50 ब्लड सैंपल लिए हैं। झरने के पानी के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आने तक लोगों से झरने का पानी इस्तेमाल नहीं करने की अपील की है। वहीं मृत बच्चों के परिवारों को रेडक्रॉस के माध्यम से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की राहत राशि दी गई है।
विस्तार
शिवपुरी जिले के ग्राम गोरा टीला स्थित झरने पर पिकनिक मनाने गए एक परिवार के लिए यह सफर दर्दनाक हादसे में बदल गया। शिवपुरी शहर के वार्ड नंबर 9 हम्माल मोहल्ला निवासी रजा मोहम्मद और फिजिकल थाना के सामने रहने वाले तनवीर के परिवार के करीब 15 सदस्य गोरा टीला पहुंचे थे।
परिवार के सदस्यों ने झरने में स्नान किया और वहां खाना भी खाया। इसके बाद कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर उपचार कराया गया, लेकिन इस घटना में चार बच्चों की दुखद मौत हो गई।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। अब प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर लोगों की तबीयत बिगड़ने और बच्चों की मौत की वास्तविक वजह क्या थी।
50 लोगों के लिए गए ब्लड सैंपल
घटना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा IAS ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की दो चिकित्सकीय टीमों को प्रभावित परिवारों की जांच के लिए लगाया गया। टीमों ने पिकनिक पर गए परिजनों और प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच की। इस दौरान कुल 50 ब्लड सैंपल लिए गए हैं।
इन सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है, ताकि बीमारी या स्वास्थ्य बिगड़ने के संभावित कारणों की वैज्ञानिक तरीके से पड़ताल की जा सके। प्रशासन की नजर अब जांच रिपोर्ट पर है।
झरने के पानी के सैंपल भी जांच के लिए भेजे
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने केवल प्रभावित लोगों के ब्लड सैंपल ही नहीं लिए, बल्कि गोरा टीला स्थित झरने के पानी के नमूने भी एकत्र किए हैं। पानी की गुणवत्ता और उसमें किसी संभावित हानिकारक तत्व की मौजूदगी की जांच कराई जा रही है।
प्रशासन यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि कहीं पानी के दूषित होने या उसमें किसी ऐसे तत्व की मौजूदगी के कारण तो लोगों की तबीयत खराब नहीं हुई।
हालांकि, जांच रिपोर्ट आने से पहले घटना की वास्तविक वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। प्रशासन ने भी लोगों से जांच पूरी होने तक सावधानी बरतने की अपील की है।
17 वर्षीय ताशीन की भी हुई जांच
घटना के बाद प्रभावित परिवार के सदस्यों की लगातार स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में तौकीर अहमद की 17 वर्षीय बेटी ताशीन की जांच में समस्या सामने आई।
इसके बाद चिकित्सकों ने उसका अल्ट्रासाउंड कराया और उपचार शुरू किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों के स्वास्थ्य को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है।
SDM ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
कलेक्टर के निर्देश के बाद कोलारस एसडीएम शिवदयाल धाकड़ प्रशासनिक अमले के साथ गोरा टीला क्षेत्र पहुंचे। उनके साथ पटवारी, सरपंच और स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।
एसडीएम ने सिद्ध बाबा नाले और झरने समेत आसपास के इलाके का सघन निरीक्षण किया। मौके की स्थिति का जायजा लेने के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली।
स्वास्थ्य विभाग को गांव में सर्वे करने और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन किसी भी संभावित स्वास्थ्य संकट को समय रहते रोकने के लिए निगरानी बनाए हुए है।
जांच रिपोर्ट आने तक झरने के पानी से दूर रहने की अपील
घटना के बाद जिला प्रशासन ने जनहित में महत्वपूर्ण अपील जारी की है। प्रशासन ने लोगों से कहा है कि जांच रिपोर्ट आने तक सिद्ध बाबा नाले/झरने के पानी का किसी भी रूप में उपयोग न करें।
लोगों से झरने के पानी में न नहाने, उसे पीने के लिए इस्तेमाल न करने और घरेलू कामकाज में भी इसका उपयोग नहीं करने की अपील की गई है।
प्रशासन ने ग्रामीणों और आसपास के लोगों से यह भी कहा है कि यदि किसी व्यक्ति में स्वास्थ्य संबंधी कोई लक्षण दिखाई देते हैं तो वह बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। समय पर उपचार मिलने से स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
मृत बच्चों के परिवारों को डेढ़-डेढ़ लाख की सहायता
इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों को प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनके प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
इसके बाद रेडक्रॉस के माध्यम से प्रत्येक पीड़ित परिवार को 1.50 लाख रुपये की राहत राशि का चेक प्रदान किया गया। प्रशासन की ओर से परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया गया।
रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी हादसे की असली वजह
गोरा टीला झरना हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। चार बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों को लेकर निगरानी बढ़ा दी है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि पिकनिक के बाद अचानक लोगों की तबीयत क्यों बिगड़ी और चार बच्चों की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा। इसके लिए 50 ब्लड सैंपल और झरने के पानी के नमूनों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना का संबंध झरने के पानी से था या इसके पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार था। तब तक प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और झरने के पानी का इस्तेमाल पूरी तरह बंद रखने की सलाह दी है।
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