
विश्व सिनेमा को एक बड़ा झटका लगा है। प्रसिद्ध हंगेरियन फिल्ममेकर बेला टार का 70 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। बेला टार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्ट सिनेमा और गंभीर सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों के लिए जाना जाता था।
बेला टार ने अपने करियर में ऐसी फिल्मों का निर्माण किया, जो समाज की सच्चाई, मानवीय संघर्ष और राजनीतिक-सामाजिक जटिलताओं को गहराई से दर्शाती थीं। उनकी फिल्मों की खास पहचान लंबी शॉट्स, धीमी कहानी और यथार्थवादी प्रस्तुति रही। उन्होंने मुख्यधारा से अलग हटकर सिनेमा को एक नई भाषा और दृष्टि दी।
उनकी फिल्में दुनियाभर के फिल्म फेस्टिवल्स में सराही गईं और उन्हें आर्ट सिनेमा का एक मजबूत स्तंभ माना गया। बेला टार का काम सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि वह दर्शकों को सोचने और सवाल करने के लिए मजबूर करता था। यही वजह है कि उन्हें सोशल सिनेमा का मास्टर कहा जाता था।
उनके निधन से विश्व सिनेमा में एक युग का अंत माना जा रहा है। फिल्म प्रेमी, निर्देशक और कलाकार सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। बेला टार की विरासत उनकी फिल्मों के रूप में हमेशा जीवित रहेगी, जो आने वाली पीढ़ियों के फिल्मकारों को प्रेरणा देती रहेंगी।

