
भारत सरकार ने अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में 5 ओटीटी प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स पर कथित तौर पर स्पष्ट यौन सामग्री और अवैध कंटेंट उपलब्ध कराया जा रहा था, जो भारतीय कानूनों और आईटी नियमों का उल्लंघन करता है। यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और डिजिटल मीडिया आचार संहिता के तहत की गई है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि जांच में पाया गया कि ये प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त आयु-पुष्टि (age verification) और कंटेंट नियंत्रण के संवेदनशील व अश्लील सामग्री उपलब्ध करा रहे थे। शिकायतों और निगरानी के बाद संबंधित मंत्रालय ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को इन साइटों और ऐप्स को भारत में एक्सेस से ब्लॉक करने का निर्देश दिया। इससे पहले भी 7 महीने पहले 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इसी तरह की कार्रवाई की गई थी।
सरकार का तर्क है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती अश्लीलता और अनियंत्रित कंटेंट युवाओं और समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, इसलिए नियमन आवश्यक है। वहीं उद्योग के कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि कंटेंट मॉडरेशन और स्वतंत्रता के बीच संतुलन जरूरी है, ताकि रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रभावित न हो। ओटीटी सेक्टर भारत में तेजी से बढ़ रहा है और नियामकीय ढांचा लगातार सख्त किया जा रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम भारत में डिजिटल कंटेंट पर निगरानी और नियमों के कड़े अनुपालन का संकेत है। सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। इससे ओटीटी उद्योग में स्व-नियमन (self-regulation) और कंटेंट फिल्टरिंग तंत्र को मजबूत करने का दबाव बढ़ेगा।









