
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर नया अनुमान पेश किया है। IMF के मुताबिक, भारत अगले कुछ सालों में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। यह लक्ष्य देश की तेज़ आर्थिक वृद्धि, निवेश में सुधार और मजबूत घरेलू मांग का परिणाम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का निर्यात, घरेलू उत्पादन और डिजिटल अर्थव्यवस्था की बढ़ती ताकत इसे 5 ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंचा सकती है। IMF ने यह भी संकेत दिया कि सही आर्थिक नीतियों और सुधारों के साथ भारत यह मील का पत्थर हासिल कर सकता है।
IMF रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि भारत की GDP ग्रोथ रेट अगले 2-3 साल में दुनिया के प्रमुख देशों की तुलना में तेज़ बनी रहेगी। वहीं, निजी और सरकारी निवेश, बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार सृजन में सुधार इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगे।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, यह नया टारगेट भारत के लिए प्रेरक साबित होगा। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, विदेशी निवेश आकर्षित होंगे और देश में नई नौकरियों का सृजन भी संभव होगा।
कुल मिलाकर, IMF की यह भविष्यवाणी भारत की आर्थिक ताकत और संभावनाओं को दर्शाती है। देश के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत है कि आर्थिक सुधार और निवेश रणनीतियों के सही पालन से 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना अब कोई दूर का सपना नहीं है।

