Indore Contaminated Water Deaths – इंदौर में दूषित पानी से मौतों का मामला

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई मौतों ने प्रशासन और सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि गंदा पानी पीने से उल्टी-दस्त की गंभीर समस्या फैली, जिसके बाद कुछ ही दिनों में कई लोगों की जान चली गई। वहीं, सरकारी रिकॉर्ड में मौतों की संख्या कम बताई जा रही है, जिससे विवाद और गहराता जा रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। लापरवाही के आरोप में नगर निगम के एक जोनल अधिकारी और एक इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि एक अन्य अधिकारी की सेवाएं समाप्त की गई हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने और बीमार लोगों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा भी की है।

जांच में सामने आया है कि इलाके की मुख्य पानी की पाइपलाइन में लीकेज था, जिसके ऊपर शौचालय बना हुआ था। इसी कारण पीने का पानी दूषित हुआ और बीमारी फैली। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति गठित की है, ताकि जिम्मेदारों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा सके।

 

इस पूरे घटनाक्रम पर हाईकोर्ट ने भी सख्त संज्ञान लिया है और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों को तत्काल मुफ्त इलाज मिले और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। देश के सबसे स्वच्छ शहर माने जाने वाले इंदौर की छवि पर इस घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी उंगलियां उठ रही हैं।

  • Gaurav Singh

    Gaurav Singh

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