
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। ईरान के राष्ट्रपति ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर किसी भी तरह का हमला किया गया, तो ईरान इसे सीधे तौर पर युद्ध की कार्रवाई मानेगा। राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिमी देशों और अमेरिका की ओर से ईरान की आंतरिक स्थिति को लेकर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
ईरानी नेतृत्व का कहना है कि खामेनेई सिर्फ एक धार्मिक नेता नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता और व्यवस्था का प्रतीक हैं। ऐसे में उन पर हमला ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा पर सीधा हमला होगा। राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर कड़ा जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा।
दूसरी ओर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याएं जारी रहीं, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है। ट्रम्प के इस बयान को ईरान ने सीधी धमकी के रूप में लिया है। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि ऐसे बयान हालात को और भड़काने का काम कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन बयानों से मध्य पूर्व में पहले से मौजूद अस्थिरता और बढ़ सकती है। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव न सिर्फ क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है, बल्कि वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर भी इसका असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के रुख पर दुनिया की नजर टिकी रहेगी।









