
रांची: झारखंड की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के एक बयान ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गठबंधन का साथ छोड़ सकते हैं। पिछले कुछ हफ्तों से राज्य में राजनीतिक मतभेदों और सत्ता संतुलन को लेकर अटकलें तेज हैं।
कांग्रेस नेता का बड़ा बयान
कांग्रेस नेता ने संकेत देते हुए कहा कि राज्य में “सहयोग की परिभाषा बदल रही है” और पार्टी किसी भी स्थिति के लिए तैयार है। इस टिप्पणी को राजनीतिक हलकों में बड़ा संकेत माना जा रहा है।
हेमंत सोरेन कैंप की प्रतिक्रिया
जेएमएम ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि गठबंधन मजबूत है और विपक्ष अफवाहें फैला रहा है। पार्टी नेताओं ने साफ कहा कि हेमंत सोरेन कहीं नहीं जा रहे और सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
हाल ही में राज्य में नियुक्तियों, विभागीय फैसलों और नेतृत्व मॉडल को लेकर गठबंधन के भीतर तनाव की खबरें सामने आई थीं। इसी बीच कांग्रेस नेता के बयान ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है।
अगले कुछ दिनों पर निगाह
सियासी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में गठबंधन दलों की बैठकें और बयानबाज़ी तय करेंगी कि राज्य सरकार कितनी मजबूत है या आगे और उथल-पुथल देखने को मिलेगी।


