
पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस की 5,300 पन्नों की चार्जशीट में साजिश को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं। जांच के मुताबिक, आरोपियों ने शुरुआत में केतन को बेंगलुरु ले जाकर उसके हाथ-पैर तोड़ने की योजना बनाई थी। बाद में यह योजना बदलकर हत्या की साजिश में बदल गई।
हत्या से पहले उसे गंभीर रूप से घायल करने की योजना
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में सामने आई जानकारी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस ने इस मामले में करीब 5,300 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट के अनुसार, केतन की हत्या से पहले उसे गंभीर रूप से घायल करने की योजना पर भी चर्चा हुई थी।
जांच में पुलिस ने दावा किया है कि आरोपियों में शामिल रितेश हांगे ने बेंगलुरु में अपने एक दोस्त से केतन के हाथ-पैर तोड़ने की योजना को लेकर बातचीत की थी। हालांकि, उस दोस्त ने इस योजना का विरोध किया। इसके बाद कथित तौर पर आरोपियों ने किसी बाहरी व्यक्ति को शामिल करने के बजाय खुद ही केतन की हत्या की साजिश आगे बढ़ाई।
हत्या की योजना के लिए इंटरनेट और चैटजीपीटी का इस्तेमाल
चार्जशीट के मुताबिक, साजिश आगे बढ़ने के बाद आरोपियों ने हत्या से संबंधित फिल्में और पॉडकास्ट देखे-सुने। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि आरोपियों ने हत्या की योजना तैयार करने के लिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया था। साथ ही पुलिस की पकड़ से बचने के तरीकों की जानकारी जुटाने की भी बात सामने आई है।
जांच में आरोपियों के डिजिटल रिकॉर्ड, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को भी अहम माना गया है। पुलिस के मुताबिक, कुछ डिलीट किए गए डिजिटल डेटा को फोरेंसिक जांच के जरिए रिकवर किया गया।
फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट से लोहगढ़ किले तक बुलाया
पुलिस की चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि केतन को लोहगढ़ किले तक बुलाने के लिए ‘माही’ नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया गया था। इस अकाउंट के जरिए केतन को 18 जून को लोहगढ़ आने के लिए कहा गया था। उसे जन्मदिन के सरप्राइज की बात कहकर वहां बुलाने की योजना बताई गई है। घटना के बाद कथित तौर पर यह फर्जी अकाउंट डिलीट कर दिया गया।
पासपोर्ट फाड़कर यात्रा रोकने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि शादी से पहले केतन की यात्रा रोकने के लिए उसके पासपोर्ट को कथित तौर पर फाड़कर कैफे के वॉशरूम में फेंक दिया गया था। पुलिस के अनुसार, इस कदम का मकसद उसकी यात्रा को रोकना था।
मामले की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने लोनावला के आसपास कई स्थानों की रेकी की थी। बाद में लोहगढ़ किले को कथित तौर पर वारदात के लिए चुना गया। पुलिस के अनुसार, 18 जून को केतन की मौत लोहगढ़ किले से गिरने के बाद हुई थी और जांच में इसे हत्या का मामला बताया गया है।
गवाह को धमकाने का भी आरोप
चार्जशीट में एक चश्मदीद गवाह के बयान का भी उल्लेख है। गवाह ने पुलिस को बताया कि उसने केतन को लोहगढ़ किले से नीचे गिराए जाते हुए देखा था। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी चेतन ने उसे चुप रहने की धमकी दी थी। गवाह ने बाद में पुलिस से संपर्क कर अपना बयान दर्ज कराया।
पुलिस की चार्जशीट में सामने आए इन तथ्यों से पता चलता है कि जांच एजेंसियां हत्या से पहले की घटनाओं, डिजिटल बातचीत, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, यात्रा रोकने की कोशिश और कथित साजिश की अलग-अलग कड़ियों को जोड़कर पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं। मामले में सामने आए आरोप और चार्जशीट में दर्ज दावे न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
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