मंदाकिनी की बाढ़ में तैर गया बेटा: मां-बहन की बचाई जान, बहादुरी बताते फफक पड़ी मां

सार 

मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ ने चित्रकूट में तबाही मचा दी। चारों तरफ पानी का सैलाब था और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगह तलाश रहे थे। इसी बीच एक युवक ने अपनी जान की परवाह किए बिना ऐसा साहस दिखाया कि उसकी कहानी सुनकर मां की आंखों से आंसू निकल पड़े। किशन मोदनवाल ने उफनती मंदाकिनी में तैरकर अपनी मां और बहन की जान बचाई। 

विस्तार 

मंदाकिनी के बढ़े जलस्तर ने चित्रकूट में हालात बेहद भयावह कर दिए थे। नदी का पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैल रहा था। कई जगह घर और दुकानें पानी की चपेट में आ गईं। ऐसे मुश्किल वक्त में परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने लोगों को सुरक्षित निकालने की थी।

किशन मोदनवाल का परिवार भी बाढ़ के इस संकट में फंस गया। हालात लगातार बिगड़ रहे थे और पानी का बहाव बेहद तेज था। ऐसे समय में किशन ने हिम्मत दिखाई और अपनी मां तथा बहन को बचाने के लिए खुद बाढ़ के पानी में उतर गया।

जान जोखिम में डालकर पानी में उतरा किशन

उफनती मंदाकिनी में उतरना किसी के लिए भी जानलेवा हो सकता था। तेज बहाव के बीच तैरकर दूसरे लोगों को सुरक्षित निकालना आसान नहीं था। लेकिन किशन ने खतरे की परवाह नहीं की। उसने अपनी मां और बहन को बचाने के लिए बाढ़ के पानी का सामना किया।

किशन के इस साहस ने परिवार को बड़ी त्रासदी से बचा लिया। उसकी बहादुरी की कहानी अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। 

बेटे की बहादुरी बताते-बताते भावुक हुई मां

किशन की मां पार्वती जब अपने बेटे की बहादुरी के बारे में बताती हैं तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं। बाढ़ के उस भयावह मंजर को याद करना उनके लिए बेहद भावुक कर देने वाला है।

एक तरफ उन्हें उस समय अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता थी, तो दूसरी तरफ बेटे ने जिस तरह अपनी जान दांव पर लगाकर मां और बहन को बचाया, वह उनके लिए गर्व का भी पल है।

मंदाकिनी ने दिखाया था रौद्र रूप

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई थी। रामघाट समेत कई इलाकों में पानी भर गया था। बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए और प्रशासन को बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाना पड़ा। 

प्रशासन और बचाव दलों ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। बाढ़ की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सैकड़ों लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया। 

मुश्किल घड़ी में मिसाल बना किशन

बाढ़ जैसी आपदा के दौरान जहां हर व्यक्ति अपनी जान बचाने की कोशिश करता है, वहीं किशन ने अपने परिवार को बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया। मां और बहन के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले किशन की कहानी संकट के समय हिम्मत और परिवार के प्रति जिम्मेदारी की मिसाल बन गई है।

मंदाकिनी की बाढ़ ने चित्रकूट में भले ही भारी तबाही मचाई हो, लेकिन किशन मोदनवाल जैसे लोगों की हिम्मत ने यह भी दिखाया कि मुश्किल से मुश्किल हालात में इंसानी जज्बा और अपनों को बचाने का जुनून कितना मजबूत हो सकता है।

  • kishan-modanwal-rescues-mother-sister-in-mandakini-flood-chitrakoot
  • Manisha Gupta

    Manisha Gupta

    Related Posts

    ऐचवाड़ा राधाकृष्ण मंदिर ट्रस्ट में विवाद गहराया, पुजारी परिवार को गांव से निकालने और आभूषण नहीं सौंपने के आरोप

    शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: शिवपुरी के पोहरी क्षेत्र के ऐचवाड़ा…

    जमीनी विवाद में घर में घुसकर जानलेवा हमला और लूट का आरोप, SP से कार्रवाई की गुहार

    शिवपुरी/ कुलदीप शर्मा: शिवपुरी के बामौरकलां थाना क्षेत्र के…

    You Missed

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 6 देशों की कंपनियां, 25 सितंबर से ग्रेटर नोएडा में लगेगा कारोबार का बड़ा मंच

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 6 देशों की कंपनियां, 25 सितंबर से ग्रेटर नोएडा में लगेगा कारोबार का बड़ा मंच

    सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से PM मोदी का संवाद, 35.42 लाख हितग्राहियों को मिले ₹212.57 करोड़

    सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से PM मोदी का संवाद, 35.42 लाख हितग्राहियों को मिले ₹212.57 करोड़

    उज्जैन में 105 साल पुरानी परंपरा का भव्य नजारा, फूलडोल में दिखा शौर्य और कृष्ण लीला

    उज्जैन में 105 साल पुरानी परंपरा का भव्य नजारा, फूलडोल में दिखा शौर्य और कृष्ण लीला

    भोपाल में गरबा को लेकर सियासी घमासान, रामेश्वर शर्मा के बयान पर आरिफ मसूद का पलटवार

    भोपाल में गरबा को लेकर सियासी घमासान, रामेश्वर शर्मा के बयान पर आरिफ मसूद का पलटवार

    राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में PM मोदी की मिमिक्री पर विवाद, BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना

    राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम में PM मोदी की मिमिक्री पर विवाद, BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना