
सार
कोलारस/ कुलदीप शर्मा: केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के कोलारस आगमन पर अभिभाषक संघ कोलारस ने नगर की विभिन्न जनहित से जुड़ी समस्याओं को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने कोलारस में थीम रोड का डिवाइडर सहित निर्माण, एडीजे न्यायालय की स्थापना और शासकीय कार्यालयों में कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने समेत कई मांगें रखीं। संघ ने कहा कि इन समस्याओं का निराकरण होने से नगर की व्यवस्थाओं और आमजन को मिलने वाली सुविधाओं में बड़ा सुधार हो सकता है।
विस्तार
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कोलारस आगमन के दौरान अभिभाषक संघ कोलारस के अधिवक्ताओं ने उनसे मुलाकात कर नगर की विभिन्न गंभीर समस्याओं के निराकरण की मांग की। अधिवक्ताओं की ओर से केंद्रीय मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें कोलारस नगर के विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया गया।
अधिवक्ताओं का कहना है कि कोलारस में लंबे समय से कई ऐसी समस्याएं बनी हुई हैं, जिनका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। इन समस्याओं को लेकर समय-समय पर आवाज उठाई जाती रही है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हो सका। ऐसे में केंद्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद के समक्ष इन मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया है।
थीम रोड निर्माण की मांग सबसे प्रमुख
अभिभाषक संघ की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कोलारस नगर में थीम रोड के निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाया गया। अधिवक्ताओं ने मांग की कि नगर में व्यवस्थित और बेहतर सड़क निर्माण के साथ थीम रोड विकसित की जाए।
ज्ञापन में थीम रोड को डिवाइडर सहित तैयार करने की मांग रखी गई है। अधिवक्ताओं के मुताबिक, कोलारस जैसे प्रमुख नगर में सड़क व्यवस्था को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की जरूरत है। वर्तमान में यातायात का दबाव बढ़ने के कारण सड़क व्यवस्था को बेहतर करना जरूरी हो गया है।
डिवाइडर सहित थीम रोड बनने से जहां सड़क का स्वरूप बेहतर होगा, वहीं यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा नगर के सौंदर्यीकरण और विकास को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
कोलारस में ADJ न्यायालय स्थापित करने की मांग
अभिभाषक संघ ने ज्ञापन के माध्यम से कोलारस में एडीजे न्यायालय की स्थापना की मांग भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखी। अधिवक्ताओं का कहना है कि क्षेत्र की न्यायिक जरूरतों को देखते हुए कोलारस में उच्च स्तर की न्यायिक व्यवस्था का विस्तार जरूरी है।
एडीजे न्यायालय की स्थापना होने से क्षेत्र के लोगों को न्यायिक मामलों के लिए अन्य स्थानों पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय स्तर पर न्यायिक सुविधाओं का विस्तार होगा और अधिवक्ताओं को भी बेहतर कार्य व्यवस्था मिल सकेगी।
अधिवक्ताओं ने इस मांग को लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता बताते हुए केंद्रीय मंत्री से इसे गंभीरता से लेने और संबंधित स्तर पर पहल करने का आग्रह किया।
शासकीय कार्यालयों में भ्रष्टाचार रोकने की मांग
ज्ञापन में कोलारस के शासकीय कार्यालयों में कथित तौर पर व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकने की मांग भी उठाई गई। अभिभाषक संघ ने आरोप लगाया कि आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं और कामकाज के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
संघ की ओर से कहा गया कि जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण शासकीय कार्यालयों की व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई की जरूरत है।
अधिवक्ताओं ने मांग की कि सरकारी कार्यालयों में कामकाज पारदर्शी बनाया जाए और आम जनता से जुड़े मामलों का समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यदि किसी स्तर पर भ्रष्टाचार या अनियमितता की शिकायत सामने आती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
जनहित के मुद्दों पर गंभीर पहल की उम्मीद
अभिभाषक संघ ने केंद्रीय मंत्री के सामने रखे गए सभी मुद्दों को जनहित से जुड़ा बताते हुए इनके जल्द निराकरण की अपेक्षा जताई। संघ का कहना है कि कोलारस के विकास के लिए केवल बड़ी परियोजनाओं पर ही ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नगर की मूलभूत व्यवस्थाओं और प्रशासनिक सुविधाओं को भी मजबूत किया जाना जरूरी है।
अधिवक्ताओं के मुताबिक, बेहतर सड़क, व्यवस्थित यातायात, मजबूत न्यायिक व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासन आम नागरिकों की बुनियादी जरूरतों में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सुधार होने से कोलारस नगर के विकास को गति मिल सकती है।
थीम रोड से बदल सकता है नगर का स्वरूप
कोलारस में थीम रोड की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने विशेष जोर दिया। उनका कहना है कि सड़क निर्माण को केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे नगर के समग्र विकास और सौंदर्यीकरण से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
डिवाइडर, व्यवस्थित यातायात और बेहतर सड़क ढांचे के साथ थीम रोड का निर्माण होने पर नगर के प्रमुख हिस्सों का स्वरूप बदल सकता है। इससे स्थानीय व्यापार, आवागमन और नागरिक सुविधाओं पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
सिंधिया से हस्तक्षेप की मांग
अभिभाषक संघ ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से इन सभी मांगों पर आवश्यक स्तर पर हस्तक्षेप करने और संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश देने की मांग की। अधिवक्ताओं का मानना है कि केंद्रीय मंत्री के माध्यम से इन मुद्दों को शासन और प्रशासन के उच्च स्तर तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक विवाद को खड़ा करना नहीं, बल्कि कोलारस नगर से जुड़े उन मुद्दों को सामने रखना है जिनका सीधा संबंध आम जनता की सुविधाओं और क्षेत्र के विकास से है।
अब अभिभाषक संघ की नजर इन मांगों पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर है। खास तौर पर थीम रोड निर्माण और एडीजे न्यायालय की स्थापना को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार विभागों की ओर से जल्द कोई ठोस पहल की जाएगी। वहीं शासकीय कार्यालयों में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर रोक की मांग भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है।
ये भी पढ़े – चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का रौद्र रूप, घर-दुकानें जलमग्न; बाढ़ से भारी नुकसान
- kolaras-advocates-association-submits-memorandum-to-scindia-for-theme-road-adj-court









