
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर है। जिले में 1,81,560 यूनिट की ई-केवाईसी अभी लंबित है। विभाग ने इन लाभार्थियों को अंतिम मौका दिया है। तय समय तक ई-केवाईसी नहीं कराने पर राशन कार्ड से नाम हटाया जा सकता है। लाभार्थी नजदीकी सरकारी राशन दुकान पर जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं।
राशन कार्ड से नाम हटने का खतरा
लखीमपुर खीरी में राशन कार्ड से जुड़े लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसके बावजूद जिले में बड़ी संख्या में राशन कार्ड यूनिट अब तक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करा सकी हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 1,81,560 यूनिट की ई-केवाईसी अभी बाकी है। ऐसे में इन लोगों के सामने राशन कार्ड से नाम हटने का खतरा मंडरा रहा है।
पूर्ति विभाग ने लंबित ई-केवाईसी को पूरा कराने के लिए लाभार्थियों को अंतिम अवसर दिया है। विभाग की ओर से साफ किया गया है कि निर्धारित समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं कराने वाले सदस्यों के नाम राशन कार्ड से हटाए जा सकते हैं। इसके बाद राशन कार्ड में खाली होने वाली जगह पर पात्र लोगों को लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
जिले में 33 लाख से ज्यादा यूनिट दर्ज
लखीमपुर खीरी में अंत्योदय और पात्र गृहस्थी श्रेणी के आठ लाख से अधिक राशन कार्ड हैं। इन राशन कार्डों में 33 लाख से ज्यादा यूनिट दर्ज हैं। शासन के निर्देश पर प्रत्येक सदस्य की ई-केवाईसी कराने के लिए कई महीनों से अभियान चल रहा है। कोटेदारों के माध्यम से भी लाभार्थियों को लगातार ई-केवाईसी कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 31 लाख 20 हजार यूनिट की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद 1.81 लाख से ज्यादा यूनिट अभी प्रक्रिया से बाहर हैं। अधिकारियों के अनुसार ई-केवाईसी पूरी नहीं होने के कारण इन यूनिटों को पिछले करीब छह महीने से खाद्यान्न का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
कहां करानी होगी ई-केवाईसी?
जिन लाभार्थियों की ई-केवाईसी अभी तक नहीं हुई है, उन्हें इसके लिए दूर किसी कार्यालय या विशेष केंद्र के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। विभाग के अनुसार लाभार्थी अपने वर्तमान स्थान के नजदीक किसी भी सरकारी राशन की दुकान पर जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं। वहां राशन कार्ड में दर्ज सदस्य का सत्यापन किया जाएगा।
इसका मतलब यह है कि अगर कोई लाभार्थी अपने मूल गांव या पते से अलग स्थान पर रह रहा है, तो वह अपने वर्तमान स्थान के पास मौजूद सरकारी राशन दुकान से भी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करा सकता है। ऐसे लोगों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी है।
ई-केवाईसी नहीं कराई तो क्या होगा?
ई-केवाईसी का उद्देश्य राशन कार्ड में दर्ज लाभार्थियों का सत्यापन करना है। विभाग अब लंबित यूनिटों को प्रक्रिया पूरी कराने का अंतिम अवसर दे रहा है। अगर इसके बाद भी संबंधित सदस्य की ई-केवाईसी नहीं होती है तो उसका नाम राशन कार्ड से हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।
नाम हटने के बाद संबंधित सदस्य को राशन कार्ड के तहत मिलने वाले खाद्यान्न का लाभ भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए जिन परिवारों के किसी सदस्य की ई-केवाईसी बाकी है, उनके लिए समय रहते प्रक्रिया पूरी कराना जरूरी है।
जिला पूर्ति अधिकारी सीमा त्रिपाठी ने लंबित 1,81,560 यूनिटों के लाभार्थियों से जल्द से जल्द नजदीकी राशन दुकान पर पहुंचकर ई-केवाईसी कराने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय तक प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर नाम राशन कार्ड से हटाए जा सकते हैं।
ऐसे में लखीमपुर खीरी के जिन परिवारों के राशन कार्ड में किसी सदस्य की ई-केवाईसी बाकी है, उन्हें इसे टालना नहीं चाहिए। अंतिम अवसर मिलने के बाद भी अगर सत्यापन नहीं कराया गया तो राशन कार्ड में दर्ज सदस्य का नाम हट सकता है और आगे मिलने वाले खाद्यान्न लाभ पर भी असर पड़ सकता है।
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