
मध्य प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (MPBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मार्च 2025 में प्रस्तावित हैं, लेकिन परीक्षा से महज तीन महीने पहले तक आधिकारिक सैंपल पेपर जारी नहीं किए गए हैं। इससे राज्यभर के करीब 18 लाख छात्र असमंजस में हैं और उनकी तैयारी पर असर पड़ रहा है। आमतौर पर बोर्ड हर साल अक्टूबर-नवंबर में सैंपल पेपर अपलोड करता है ताकि छात्र नए परीक्षा पैटर्न को समझ सकें और प्रैक्टिस के जरिए आत्मविश्वास बढ़ा सकें। लेकिन इस बार अधिकारियों की लापरवाही और सूचना के अभाव ने छात्रों को कोचिंग सेंटर और निजी प्रकाशनों पर निर्भर कर दिया है।
हालांकि कुछ वेबसाइटों ने अनौपचारिक मॉडल पेपर अपलोड किए हैं, लेकिन वे बोर्ड द्वारा प्रमाणित नहीं हैं। इससे छात्रों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि परीक्षा में किस तरह के प्रश्न पूछे जाएंगे, और किस पैटर्न पर तैयारी करें। शिक्षकों का कहना है कि बिना सैंपल पेपर के पढ़ाना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि पाठ्यक्रम में बदलाव की भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। कई स्कूलों ने अपने स्तर पर मॉक टेस्ट शुरू कर दिए हैं, लेकिन वे भी पुराने पैटर्न पर आधारित हैं।
छात्र संगठनों और अभिभावकों ने MPBSE से तत्काल सैंपल पेपर जारी करने की मांग की है ताकि परीक्षा की तैयारी व्यवस्थित हो सके। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि सैंपल पेपर जल्द अपलोड किए जाएंगे, लेकिन कोई ठोस तारीख नहीं दी गई है। यह स्थिति न केवल शैक्षणिक अस्थिरता को दर्शाती है, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता की ओर भी इशारा करती है।

