
मध्यप्रदेश में पारे ने क़रीब 3.0 °C तक गिरावट देखी गई, वहीं राजस्थान में तापमान 3.7 °C तक पहुँच गया — देश के उत्तरी भागों में कड़कड़ाती ठंड ने आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। उसी के साथ, उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में — खासतौर पर केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे धार्मिक स्थलों पर तापमान -13 °C से नीचे दर्ज किया गया। ऐसा भी बताया गया है कि कई झरने और छोटे जल-श्रोत जम गए हैं, जिससे बर्फबारी व ठंड का मिजाज और तेज़ हो गया है।
इस ठंड की लहर ने न सिर्फ पहाड़ी राज्यों में, बल्कि हरियाणा, बिहार जैसे उत्तरी मैदान राज्यों में भी ठंड का असर पहुंचाया है — वहाँ भी सर्दी का असर बढ़ा हुआ है और लोगों को अलाव, गर्म कपड़े व ठंड से बचने के उपाय अपनाने पड़ रहे हैं। इस बदलाव के कारण रोजमर्रा की गतिविधियाँ, खेती-बाड़ी, स्कूल-कॉलेज या यात्राओं पर असर देखने को मिला है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान और नीचे जा सकता है, इसलिए लोगों को समय रहते सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

