
मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र में स्थित एक बंद पड़ी औद्योगिक मिल की बहुमूल्य जमीन को लेकर इन दिनों राजनीतिक और औद्योगिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि करीब 77.52 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली इस भूमि की कीमत 400 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है, जिसके कारण कई प्रभावशाली समूहों की नजर इस पर टिक गई है।
कर्मचारियों की रोजगार की मांग
मिल के वर्षों पहले बंद होने के बाद हजारों कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था। पूर्व कर्मचारी और श्रमिक संगठन लगातार यह मांग उठाते रहे हैं कि सरकार इस मिल को दोबारा शुरू करने की दिशा में कदम उठाए ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें।
जमीन को लेकर बढ़ी सक्रियता
इसी बीच यह चर्चा भी सामने आ रही है कि इस जमीन को लेकर कई राजनीतिक और औद्योगिक समूह सक्रिय हो गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जमीन के संभावित उपयोग और स्वामित्व को लेकर अलग-अलग स्तर पर बातचीत और रणनीति बन रही है।
बड़े निवेश की संभावनाएं
प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि एक बड़े उद्योगपति को यह जमीन दिलाने की कोशिशें चल रही हैं। बताया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है।
सियासी गलियारों में चर्चा
अरबों रुपये मूल्य की इस जमीन को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस भूमि के उपयोग को लेकर क्या निर्णय लेती है और इससे क्षेत्रीय विकास या रोजगार पर क्या प्रभाव पड़ता है।







