
मध्य प्रदेश के एक नगर क्षेत्र में जल प्रदाय विभाग (PHE) की अनुमति के बिना सड़क खुदाई करने पर इंजीनियरों को नोटिस थमा दिया गया है। यह मामला जगन भैया की गली का है, जहां बिना पूर्व स्वीकृति के सड़क को खोद दिया गया, जिससे स्थानीय नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, यह खुदाई किसी निर्माण कार्य या पाइपलाइन मरम्मत के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन संबंधित विभाग ने PHE से कोई लिखित अनुमति नहीं ली। खुदाई के कारण गली में कीचड़, जलभराव और यातायात बाधा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो गईं। स्थानीय लोगों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद नगर निगम और PHE विभाग ने संयुक्त निरीक्षण किया।
निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि कार्य प्रक्रियात्मक नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया है। इसके बाद संबंधित इंजीनियरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनसे जवाब मांगा गया है कि बिना अनुमति कार्य क्यों शुरू किया गया। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला प्रशासनिक समन्वय की कमी और नियमों की अनदेखी का उदाहरण है, जो न केवल सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और सुविधा को भी खतरे में डालता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में डिजिटल परमिशन ट्रैकिंग सिस्टम और स्थानीय निगरानी तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है।

