
अमेरिका में सालाना करीब ₹1.6 करोड़ की कमाई करने वाला एक NRI भारत लौटने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। ऊंची सैलरी और स्थिर करियर के बावजूद वह विदेश की जिंदगी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है और अब अपने भविष्य को लेकर बड़ा फैसला लेने की दहलीज पर खड़ा है। हालांकि, भारत वापसी से पहले उसके मन में एक अहम सवाल है, जो उसे असमंजस में डाल रहा है।
NRI का कहना है कि अमेरिका में प्रोफेशनल ग्रोथ और पैसे की कोई कमी नहीं है, लेकिन परिवार से दूरी, सामाजिक जीवन की कमी और तेज रफ्तार लाइफस्टाइल उसे मानसिक रूप से थका रही है। भारत लौटने पर वह अपने माता-पिता के करीब रहना, बेहतर सामाजिक जुड़ाव और ज्यादा संतुलित जीवन जीना चाहता है।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत में वह उसी स्तर की प्रोफेशनल ग्रोथ और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी हासिल कर पाएगा? उसे डर है कि भारत लौटने पर सैलरी में बड़ी कटौती, वर्क कल्चर में अंतर और करियर ग्रोथ की रफ्तार धीमी हो सकती है। यही असमंजस उसके फैसले को टाल रहा है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आज के दौर में कई NRI इसी तरह की दुविधा से गुजर रहे हैं। भारत में अवसर बढ़े हैं, लेकिन विदेश जैसी सैलरी और सुविधाएं हर सेक्टर में मिलना अभी भी चुनौती है। ऐसे में भारत लौटने का फैसला सिर्फ पैसों नहीं, बल्कि जीवन की प्राथमिकताओं, मानसिक सुकून और लंबे समय के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर लेना जरूरी माना जा रहा है।