
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान भारत की एंटी ड्रोन शील्ड को परखने की कोशिश कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, बीते कुछ समय में पाकिस्तान की ओर से करीब 800 ड्रोन भारतीय सीमा की ओर भेजे गए, जिनका मकसद निगरानी, हथियार गिराने और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी तलाशना बताया जा रहा है।
भारतीय सेना और सुरक्षा बलों ने इन कोशिशों को काफी हद तक नाकाम किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 240 ड्रोन को मार गिराया गया है। ये ड्रोन अत्याधुनिक तकनीक से लैस थे और कम ऊंचाई पर उड़ान भरकर रडार से बचने की कोशिश कर रहे थे। इसके बावजूद भारतीय एंटी ड्रोन सिस्टम ने समय रहते इन्हें ट्रैक कर निष्क्रिय किया।
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह गतिविधि सीधे तौर पर ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदले सुरक्षा हालात से जुड़ी है। पाकिस्तान ड्रोन के जरिए भारत की निगरानी क्षमता, प्रतिक्रिया समय और तकनीकी ताकत को समझने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, लगातार सफल इंटरसेप्शन से यह साफ है कि भारत की ड्रोन रोधी प्रणाली पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है।
सीमा पर बढ़ती ड्रोन गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता और बढ़ा दी है। एंटी ड्रोन शील्ड को अपग्रेड किया जा रहा है और जवानों को नई तकनीक से लैस किया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में ड्रोन युद्ध एक बड़ी चुनौती बनेगा, लेकिन भारत इससे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।

