
नई दिल्ली, 30 सितंबर 2026। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए शुरू की गई केंद्र सरकार की परिवर्तन योजना का दायरा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, योजना में इलेक्ट्रिक, सीएनजी और अन्य पात्र वाहनों के साथ अब एलएनजी से चलने वाली बसों और ट्रकों को भी शामिल करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। हालांकि, इस संबंध में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
क्या है परिवर्तन योजना?
परिवर्तन योजना का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले व्यावसायिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर नए और कम उत्सर्जन वाले वाहनों को बढ़ावा देना है। योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के संबंधित एनसीआर क्षेत्रों में पंजीकृत बीएस-4 या उससे पुराने मानकों वाले दो लाख से अधिक ट्रकों और बसों को बदलने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्र सरकार ने 3 जून 2026 को इस योजना को मंजूरी दी थी। इसका कुल वित्तीय परिव्यय 9,585 करोड़ रुपये है, जिसमें 5,041 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल है। योजना के तहत पात्र वाहन मालिकों को नए बीएस-6 या उससे बेहतर मानकों वाले डीजल/सीएनजी वाहन अथवा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए अलग-अलग वित्तीय प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।
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LNG वाहनों को शामिल करने से क्या बदलेगा?
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार अब एलएनजी यानी तरलीकृत प्राकृतिक गैस से चलने वाले भारी वाहनों को भी योजना के दायरे में लाने पर विचार कर रही है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पुराने व्यावसायिक वाहनों को बदलने वाले मालिकों के पास स्वच्छ ईंधन आधारित वाहनों का एक और विकल्प उपलब्ध हो सकता है।
इससे एलएनजी वाहन बाजार और इससे जुड़े वाहन निर्माताओं को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। रिपोर्ट में नीति आयोग के एक अध्ययन का भी उल्लेख है, जिसमें भारी वाहनों में एलएनजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और इसे ऑटोमोबाइल उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन व्यवस्था के दायरे में लाने की सिफारिश की गई थी।
फिलहाल यह प्रस्ताव विचार के स्तर पर है। इसलिए एलएनजी बस या ट्रक खरीदने वालों को मिलने वाले किसी विशेष लाभ को लेकर अंतिम नियमों का इंतजार करना होगा।
योजना में मिल रहे हैं कई प्रोत्साहन
परिवर्तन योजना के तहत पात्र वाहन मालिकों को नए वाहन खरीदने पर टैक्स और पंजीकरण शुल्क में राहत, ऋण पर ब्याज सब्सिडी, वाहन निर्माता की ओर से छूट और ईंधन वाउचर जैसे लाभ दिए जा रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग से आर्थिक प्रोत्साहन का भी प्रावधान है। सरकार का लक्ष्य पुराने व्यावसायिक वाहनों को हटाकर दिल्ली-एनसीआर में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना है। अब एलएनजी को इसमें शामिल करने का फैसला होता है या नहीं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
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