
संसद के बजट सत्र के सातवें दिन राज्यसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं।
रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष मुद्दों पर बहस करने के बजाय केवल हंगामा कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है और महत्वपूर्ण विधायी कामकाज को रोक रहा है।
बार-बार स्थगित हुई कार्यवाही
हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा। सभापति ने विपक्ष से शांत रहने और नियमों के तहत अपनी बात रखने की अपील की, लेकिन शोर-शराबा जारी रहा।
विपक्ष का रुख
विपक्षी दलों का कहना है कि वे महंगाई, बेरोजगारी और कुछ नीतिगत फैसलों पर चर्चा चाहते हैं। उनका आरोप है कि सरकार संवेदनशील मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है, इसलिए उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
सरकार का जवाब
सरकार का कहना है कि संसद चर्चा का मंच है और हर मुद्दे पर बहस के लिए दरवाजे खुले हैं। रिजिजू ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की।
बजट सत्र के दौरान सरकार कई अहम विधेयक और आर्थिक प्रस्ताव पेश करने की तैयारी में है, ऐसे में लगातार हो रहे हंगामे से संसदीय कामकाज पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।









