
संसद में प्रस्तावित ‘जी-राम-जी’ बिल को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों ने इस बिल के विरोध में संसद परिसर में रातभर धरना दिया और सरकार पर गरीब-विरोधी कानून लाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी सांसदों का कहना है कि बिल को बिना व्यापक चर्चा के जल्दबाजी में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे आम लोगों और कमजोर वर्गों पर सीधा असर पड़ेगा। संसद का माहौल देर रात तक गर्म रहा और विपक्ष ने सरकार से बिल वापस लेने की मांग की।
विपक्ष के सुर में सुर मिलाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “मैं मां की कसम खाकर कहता हूं, ये कानून गरीबों के लिए नहीं है।” खड़गे का आरोप है कि यह बिल चुनिंदा वर्गों को फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया है, जबकि इसके दूरगामी नतीजे आम जनता को भुगतने पड़ सकते हैं। विपक्ष का दावा है कि सरकार संसद में बहस से बच रही है और असहमति की आवाज़ों को दबाया जा रहा है।
TMC और अन्य विपक्षी दलों ने साफ किया है कि जब तक बिल पर पूरी और पारदर्शी बहस नहीं होगी, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि संसद सिर्फ मुहर लगाने की जगह नहीं है। संसद भवन में हुआ यह विरोध आने वाले दिनों में संसद की कार्यवाही को और बाधित कर सकता है।

