
संसद के बजट सत्र के आठवें दिन भी लोकसभा में हंगामे के कारण कार्यवाही प्रभावित रही। लगातार विरोध और नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई। इस दौरान स्पीकर ने विपक्षी सांसदों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अब तक 19 घंटे 13 मिनट का समय बर्बाद हो चुका है।
कार्यवाही क्यों हुई स्थगित?
सत्र शुरू होते ही विपक्षी दलों ने विभिन्न मुद्दों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
- सदन में नारेबाजी और पोस्टरबाजी देखी गई
- विपक्ष सरकार से जवाब की मांग करता रहा
- हंगामे के कारण सामान्य कार्यवाही संभव नहीं हो पाई
स्थिति को देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को पहले कुछ समय के लिए और बाद में दोपहर तक स्थगित कर दिया।
स्पीकर की सख्त टिप्पणी
लोकसभा स्पीकर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि:
- अब तक सत्र का कीमती समय व्यर्थ गया है
- लगातार बाधा डालना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है
- सांसदों को जनता की अपेक्षाओं के अनुसार काम करना चाहिए
उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील भी की।
विपक्ष का रुख
विपक्षी दलों का कहना है कि:
- वे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चाहते हैं
- सरकार जवाब देने से बच रही है
- जब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, विरोध जारी रहेगा
आगे की रणनीति
संसद के शेष सत्र में:
- बजट से जुड़े अहम विधेयकों पर चर्चा
- सरकार की ओर से जवाब
- विपक्ष का दबाव
जारी रहने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनी, तो सत्र का और समय प्रभावित हो सकता है।
निष्कर्ष
बजट सत्र का आठवां दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। स्पीकर की चेतावनी के बावजूद संसद में गतिरोध बना हुआ है, जिससे अहम विधायी कामकाज पर असर पड़ सकता है।









