
डिजिटल पेमेंट कंपनी फोनपे ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने सेबी के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया है, जिसे नियामक की मंजूरी भी मिल गई है। इसके तहत फोनपे करीब ₹12,000 करोड़ का IPO लाने की तैयारी में है, जो भारत के सबसे बड़े फिनटेक IPO में से एक माना जा रहा है।
इस IPO में फ्रेश इश्यू के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल होगा। जानकारी के मुताबिक, फोनपे की पैरेंट कंपनी वॉलमार्ट करीब 9% हिस्सेदारी बेचेगी। इससे वॉलमार्ट को आंशिक मुनाफावसूली का मौका मिलेगा, जबकि कंपनी में उसकी कंट्रोलिंग हिस्सेदारी बनी रहेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इससे फोनपे की वैल्यूएशन को मजबूत आधार मिलेगा।
वहीं, इस IPO के जरिए माइक्रोसॉफ्ट की फोनपे से पूरी तरह एग्जिट होने की संभावना है। माइक्रोसॉफ्ट शुरुआती निवेशकों में शामिल रही है और अब सार्वजनिक निर्गम के दौरान अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है। इससे फोनपे के शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
एनालिस्ट्स के अनुसार, फोनपे का IPO भारतीय शेयर बाजार के लिए अहम साबित हो सकता है। UPI और डिजिटल पेमेंट सेगमेंट में मजबूत पकड़, बड़े यूजर बेस और बढ़ते रेवेन्यू के चलते निवेशकों की इस इश्यू में खास दिलचस्पी रहने की उम्मीद है। आने वाले समय में फोनपे के IPO की टाइमलाइन और प्राइस बैंड को लेकर और जानकारी सामने आ सकती है।

