
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन करते हुए भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने पर जोर दिया। इस समिट में 300 से अधिक टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स ने अपने AI आधारित समाधान और भविष्य की तकनीकों का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री ने विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉल का दौरा कर जियो इंटेलिजेंस जैसे उन्नत AI मॉडल्स की कार्यप्रणाली और उपयोगिता को समझा।
समिट में प्रदर्शित AI समाधान कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्मार्ट शहर, रक्षा और डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित रहे। जियो इंटेलिजेंस मॉडल्स विशेष रूप से भूमि उपयोग, आपदा प्रबंधन, शहरी योजना और संसाधन निगरानी में उपयोगी बताए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीकें शासन, विकास योजनाओं और नीति निर्माण को अधिक सटीक और डेटा-आधारित बना सकती हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि AI भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति देगा और सामाजिक विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्टार्टअप्स, उद्योग और सरकार के सहयोग से जिम्मेदार AI विकास पर जोर दिया। उनके अनुसार भारत का विशाल डेटा, प्रतिभा और डिजिटल बुनियादी ढांचा AI नेतृत्व के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
AI इम्पैक्ट समिट को भारत के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है, जहां वैश्विक कंपनियां और भारतीय नवप्रवर्तक एक साथ आए। इससे निवेश, सहयोग और तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के आयोजन भारत को AI अनुसंधान, नवाचार और अनुप्रयोग के वैश्विक मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाने में मदद करेंगे।









