
रणवीर सिंह की आने वाली फिल्म ‘धुरंधर’ रिलीज़ से पहले ही राजनीति के केंद्र में आ गई है। फिल्म के ट्रेलर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है—क्या यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन है या किसी राजनीतिक विचारधारा को बढ़ावा देने वाला प्रोपेगेंडा? फिल्म में प्रस्तुत किए गए किरदारों, संवादों और घटनाओं ने दर्शकों के बीच तीखी चर्चा को जन्म दिया है। कुछ लोग इसे भारतीय राजनीति की वास्तविक तस्वीर बताते हैं, जबकि कुछ का दावा है कि कहानी जानबूझकर एक खास नैरेटिव को मजबूत करने की कोशिश करती है।
फिल्म का कथानक सत्ता, रणनीति, संसाधनों और राजनीतिक खेलों पर आधारित है, जिसमें रणवीर सिंह का किरदार एक मजबूत, चालाक और प्रभावी नेता के रूप में दिखाया गया है। लेकिन आलोचकों का कहना है कि इस किरदार और उसके आसपास की परिस्थितियाँ वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य से काफी मेल खाती हैं, जिससे फिल्म की “निष्पक्षता” पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं फिल्म के समर्थकों का कहना है कि यह सिर्फ सिनेमाई प्रस्तुति है, और राजनीति को दिखाने का मतलब हमेशा प्रोपेगेंडा नहीं होता।
अब जबकि रिलीज़ नज़दीक है, जनमत, मीडिया बहस और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं ने माहौल को और गरमा दिया है। देखने वाली बात यह होगी कि ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर अपनी कलात्मक और व्यावसायिक पहचान कायम कर पाती है या राजनीतिक विवाद इस फिल्म को नई दिशा दे देते हैं।

