
आदित्य|भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को सीहोर जिले के सैकड़ों किसान अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। हाथों में आवेदन लिए किसानों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि गांवों में वर्षों से खुले और झूलते बिजली के तार लोगों और मवेशियों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं, लेकिन लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
खुले तार बन रहे हादसों की वजह
किसानों के अनुसार, गांवों में बिजली के तार कई जगह जमीन के बेहद करीब लटक रहे हैं। बारिश के मौसम में यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। उनका आरोप है कि इन खुले तारों की चपेट में आने से कई ग्रामीण घायल हो चुके हैं, जबकि कई मवेशियों की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
‘हर बार मिलता है सिर्फ आश्वासन’
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को शिकायतें दीं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। उनका कहना है कि अधिकारी मौके का निरीक्षण तो करते हैं, लेकिन न तो तार बदले जाते हैं और न ही खंभों की मरम्मत होती है। इससे ग्रामीणों में लगातार भय का माहौल बना हुआ है।
भोपाल पहुंचकर सरकार से लगाई गुहार
समस्या के समाधान की उम्मीद में किसान राजधानी भोपाल पहुंचे और मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री तथा ऊर्जा मंत्री के नाम आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। किसानों ने कहा कि यदि समय रहते बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।
अब सरकार की कार्रवाई पर नजर
किसानों का कहना है कि वे विरोध के लिए नहीं, बल्कि अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग लेकर आए हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार और बिजली विभाग इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेते हैं और गांवों में खुले बिजली तारों की समस्या का समाधान कब तक किया जाता है।
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