
उत्तर भारत में सर्दी ने एक बार फिर कड़ा रुख अपना लिया है। मध्य प्रदेश में आज सबसे ज्यादा कोहरा दर्ज किया गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। हालात को देखते हुए राज्य के 18 जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही, जिससे सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ा और कई इलाकों में लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वहीं, राजस्थान के माउंट आबू में ठंड ने रिकॉर्ड स्तर छू लिया है। लगातार तीसरे दिन तापमान 0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की ठंड महसूस की गई। सड़कों, वाहनों और खुले इलाकों में बर्फ की परत जमने जैसी स्थिति बनी रही। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया। राज्य के 10 प्रमुख शहरों में बादल छाए रहे, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया। कई इलाकों में धूप नहीं निकलने के कारण दिनभर ठिठुरन बनी रही। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बादलों और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट बनी रह सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी कोहरा और ठंड उत्तर भारत के कई हिस्सों में परेशानी बढ़ा सकती है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सावधानी से ड्राइव करने, बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाने और स्थानीय निर्देशों का पालन करने की अपील की है। सर्दी के इस दौर में मौसम से जुड़ी चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी माना जा रहा है।

