
साल 2025 के आखिरी कारोबारी दिन पर Silver Prices में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी की कीमतों में एक झटके में करीब ₹15,000 प्रति किलो तक की गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार में हलचल मच गई है। अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों और ट्रेडर्स को असमंजस में डाल दिया है।
क्यों गिरी Silver Price?
विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- साल के अंत में प्रॉफिट बुकिंग
- अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी
- डॉलर की मजबूती
- औद्योगिक मांग में अस्थायी सुस्ती
इन वजहों से चांदी पर दबाव देखने को मिला और कीमतों में तेज गिरावट आई।
Traders और Investors के लिए क्या है रणनीति?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि:
- Short-Term Traders को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए
- गिरावट के दौरान Risk Management पर ध्यान देना जरूरी है
- Long-Term Investors के लिए यह गिरावट एक Buying Opportunity हो सकती है
हालांकि, निवेश से पहले बाजार के ट्रेंड और वैश्विक संकेतों पर नजर रखना जरूरी है।
आगे कैसी रह सकती है Silver की चाल?
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले समय में:
- औद्योगिक मांग बढ़ने पर चांदी में रिकवरी संभव है
- वैश्विक आर्थिक संकेत कीमतों की दिशा तय करेंगे
चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए सोच-समझकर ट्रेड करने की सलाह दी जा रही है।
2025 के अंतिम दिन Silver Price Crash ने बाजार को चौंका दिया है। ₹15,000 की गिरावट ने ट्रेडर्स को सतर्क कर दिया है। ऐसे समय में सही रणनीति, धैर्य और जानकारी के साथ लिया गया फैसला ही फायदेमंद साबित हो सकता है।

