
कीमती धातुओं के बाजार में चांदी ने नया इतिहास रच दिया है। पहली बार चांदी की कीमत ₹3 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई है। हालिया कारोबार में चांदी के दामों में करीब ₹14 हजार की एकमुश्त तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान इस ओर खिंच गया है। महज एक महीने पहले चांदी की कीमत करीब ₹2 लाख के आसपास थी, जो अब तेजी से बढ़कर नए शिखर पर पहुंच गई है।
इस तेज उछाल के पीछे कई अहम वजहें बताई जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की मांग बढ़ना, औद्योगिक उपयोग में इजाफा और सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर इसकी बढ़ती लोकप्रियता प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। खासतौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी की खपत बढ़ने से इसकी डिमांड लगातार मजबूत बनी हुई है।
बाजार जानकारों का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए चांदी में आगे भी तेजी जारी रह सकती है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई का दबाव और डॉलर में उतार-चढ़ाव जैसे कारक निवेशकों को कीमती धातुओं की ओर आकर्षित कर रहे हैं। यही वजह है कि सोने के साथ-साथ अब चांदी भी निवेश का मजबूत विकल्प बनकर उभर रही है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर यही रुझान बना रहा, तो 2026 तक चांदी के दाम ₹4 लाख प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकते हैं। हालांकि, वे यह भी सलाह दे रहे हैं कि निवेश से पहले बाजार की चाल और जोखिमों को समझना जरूरी है। फिलहाल चांदी की यह ऐतिहासिक तेजी कमोडिटी मार्केट में बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है।









