
2 अक्टूबर 2026। फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में हुए गंभीर घटनाक्रम के बाद मुंबई के कैप्टन स्मित मच्छार चर्चा में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लाइट FZ1073 में को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला किया। इस दौरान विमान अचानक हजारों फीट नीचे चला गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने स्थिति को संभालने में मदद की। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर कैप्टन मच्छार की बहादुरी की चर्चा शुरू हुई। कुछ लोगों ने सरकार से उन्हें अशोक चक्र जैसे वीरता सम्मान के लिए विचार करने की मांग भी की है। यह मांग फिलहाल लोगों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से उठाई गई है, किसी आधिकारिक पुरस्कार की घोषणा के रूप में नहीं।
विमान में क्या हुआ था?
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। विमान में 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच गंभीर घटना हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित तौर पर हमला किया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। फ्लाइट-ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, विमान कुछ ही सेकंड में हजारों फीट नीचे चला गया।
हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दरवाजा खुलने के बाद कुछ यात्री और चालक दल के सदस्य कॉकपिट तक पहुंचे और कथित हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में यात्रा कर रहे कुछ अन्य फ्लाईदुबई पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की। इसके बाद फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन मच्छार की भूमिका की प्रशंसा की और कहा कि उनके प्रयासों से 174 लोगों की जान बची। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मच्छार को बहादुर बताते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?
कैप्टन स्मित मच्छार मुंबई के रहने वाले हैं और लंबे समय से विमानन क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उपलब्ध प्रोफाइल और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने करीब 11 साल स्पाइसजेट में काम किया। इसके बाद जून 2022 में फ्लाईदुबई से कैप्टन के तौर पर जुड़े। उनके पास बोइंग 737 विमानों को उड़ाने का लंबा अनुभव है। रिपोर्टों के अनुसार, मच्छार के पास 9,500 से अधिक घंटे की उड़ान का अनुभव है। स्पाइसजेट में उन्होंने सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में भी काम किया था। इस भूमिका में वे अन्य पायलटों के प्रशिक्षण और मूल्यांकन से जुड़े रहे।
घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्टों में बताया गया कि उनकी सर्जरी हुई और उनकी स्थिति स्थिर रही। भारतीय मिशन की ओर से भी उनकी स्थिति पर नजर रखे जाने की जानकारी सामने आई है।
सोशल मीडिया पर उठी अशोक चक्र की मांग
कैप्टन मच्छार की बहादुरी की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें सम्मानित करने की मांग तेज हुई। कुछ यूजर्स ने उनके नाम की सिफारिश अशोक चक्र के लिए करने की बात कही। अशोक चक्र भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। हालांकि, सोशल मीडिया पर उठी मांग और सरकार की ओर से किसी आधिकारिक पुरस्कार के बीच अंतर है। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में अशोक चक्र दिए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है। गुजरात और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों समेत कई सार्वजनिक हस्तियों ने मच्छार के साहस और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
इस घटना में कैप्टन मच्छार के साथ यात्रियों और विमान में मौजूद अन्य पायलटों की भूमिका भी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कॉकपिट तक पहुंचने के बाद यात्रियों ने कथित हमलावर को काबू करने में मदद की और अन्य पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारने में योगदान दिया। इसलिए घटना की पूरी तस्वीर जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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