
जयपुर के SMS हॉस्पिटल के 2DE आईसीयू वार्ड में पानी भर जाने से हड़कंप मच गया। यह वार्ड गंभीर मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है और यहां जीवन रक्षक उपकरण लगातार चलते रहते हैं। पानी भरने की घटना के बाद मरीजों की जान को सीधा खतरा पैदा हो गया, जिससे अस्पताल प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि यह आईसीयू वार्ड महज 7 महीने पहले ही बनाया गया था। इतने कम समय में ही नए वार्ड में इस तरह की स्थिति सामने आना निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बताया जा रहा है कि पानी भरने के कारण कुछ समय के लिए इलाज व्यवस्था भी प्रभावित हुई और स्टाफ को मरीजों को सुरक्षित रखने में अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने आनन-फानन में पानी निकासी की व्यवस्था की और तकनीकी टीम को मौके पर बुलाया गया। हालांकि मरीजों के परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्ड में इस तरह की चूक पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती है। अब मांग उठ रही है कि नए वार्ड के निर्माण और मेंटेनेंस की स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

