
घरेलू शेयर बाजार में आज तेज़ गिरावट देखने को मिली। Sensex 300 अंकों से ज्यादा टूटकर करीब 84,900 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया, जबकि Nifty भी 100 अंकों से अधिक फिसल गया। बाजार की इस कमजोरी के पीछे वैश्विक संकेतों में नरमी और निवेशकों की सतर्कता को अहम वजह माना जा रहा है। शुरुआती कारोबार से ही बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में चले गए।
सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में देखने को मिला। बड़े बैंकों और प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली के चलते गिरावट तेज हो गई। आईटी और मेटल शेयरों में भी सीमित कमजोरी दर्ज की गई, जिससे बाजार की रिकवरी की कोशिशों पर असर पड़ा। जानकारों का कहना है कि ब्याज दरों और वैश्विक आर्थिक संकेतों को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। जब तक इन मोर्चों पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।

