
ब्राडवाणी डेस्क /नई दिल्ली: भारत ने पश्चिम एशिया की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकता को दोहराया है. शुक्रवार को प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जयसवाल ने कहा कि भारत क्षेत्रीय अस्थिरताओं पर सतर्क नजर रख रहा है और अपने राष्ट्रीय ऊर्जा हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक साझेदारों के साथ सक्रिय समन्वय कर रहा है.
रंधीर जयसवाल ने बताया कि चार भारतीय एलपीजी-ले जाने वाले जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर भारत पहुंच चुके हैं. उन्होंने कहा, “हम लगातार सभी संबंधित देशों के संपर्क में हैं ताकि सुरक्षित पारगमन सुनिश्चित हो और देश की ऊर्जा आवश्यकताएं पूरी हों.”
इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर फ्रांस में G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग ले रहे हैं. उन्होंने बैठक में वैश्विक संस्थाओं में सुधार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बदलाव, शांति स्थापना अभियानों में सुधार और मानवीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ग्लोबल साउथ के खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा मुद्दों को भी उठाया. भारत ने व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती के महत्व पर भी ध्यान दिलाया, ताकि पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक प्रभाव को वैश्विक बाजारों में कम किया जा सके.
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