
साल 2025 में भारत की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने कई अहम फैसले दिए जो कानून, पर्यावरण, सार्वजनिक सुरक्षा और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े रहे। इन आदेशों का असर सरकार, नागरिक और संस्थागत पॉलिसीज़ पर पड़ा है। नीचे उन 10 प्रमुख निर्णयों का सार पेश है:
1) राष्ट्रपति‑राज्यपाल को बिल मंजूरी पर समय सीमा नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति या राज्यपाल पर विधेयकों को मंजूरी देने के लिए कोई सख्त समय सीमा लागू नहीं की जा सकती। इससे संवैधानिक शक्तियों के दायरे को दुबारा रेखांकित किया गया है।
2) Stray Dogs के प्रबंधन पर निर्देश
अदालत ने आदेश दिया कि स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों से आवारा कुत्तों को हटाया जाए और उन्हें ABC नियमों के तहत नसबंदी, टीकाकरण कर shelters में भेजा जाए।
3) Green Firecrackers के उपयोग को सीमित अनुमति
दिल्ली व आसपास के शहरों में अदालत ने ग्रीन क्रैकर्स के सीमित उपयोग को अनुमति दी, खासकर त्योहार जैसे दिवाली के दौरान, ताकि प्रदूषण नियंत्रित रहे।
4) Nithari हत्याकांड में बरी
लंबे समय से चली आ रही Nithari सीरियल किलिंग की जाँच में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपियों को सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया।
5) Honour Killing मामलों पर कड़ी सजा को बरकरार
तमिलनाडु के दिल की मौत (honour killing) मामले में कोर्ट ने तीन जजों की पीठ ने सजाओं को बनाए रखा, जिससे ऐसे अपराधों पर संदेश गया।
6) Reserved‑Category Recruitment Rules
आरक्षित श्रेणी (Reservation) वाले उम्मीदवारों के लिए आयु छूट का फ़ायदा लेने के व बाद में सामान्य श्रेणी के पद पर दावा नहीं हो सकता सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया।
7) Bar Councils में महिलाओं के लिए 30% आरक्षण
सुप्रीम कोर्ट ने Bar Council अध्यक्षों को निर्देश दिया कि राज्य बार परिषद चुनावों में महिलाओं को कम से कम 30% प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, ताकि न्याय क्षेत्र में बराबरी का अवसर बढ़े।
8) Waqf Amendment Act के प्रावधानों पर रोक
केंद्रीय Waqf Amendment Act के कुछ प्रावधानों पर अस्थायी रोक लगाई है, जिनके कारण धार्मिक संपत्तियों की व्याख्या में अंतर हो सकता था |
9) Judicial Services के लिए तीन साल का अनुभव जरूरी
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा परीक्षा में भाग लेने के लिए न्यूनतम तीन साल का लीगल अनुभव अनिवार्य कर दिया, जिससे ताजे ग्रेजुएट्स सीधे प्रवेश नहीं पा सकेंगे।
10) Aravalli Hills की नई परिभाषा
अरावली पर्वतमाला को वैज्ञानिक मानदंडों के अनुरूप परिभाषित किया गया, जहाँ केवल वे landforms शामिल होंगे जो आसपास की जमीन से कम से कम 100 मीटर ऊँचे हों। इससे खनन और पर्यावरण संरक्षण के नए नियम बनेंगे।

