
टीकमगढ़/ धर्मेंद्र सिंह लोधी: कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम पहाड़ी तिलवारन में दलित परिवार के साथ कथित मारपीट और जातिसूचक गालियां देने का मामला अब पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा में है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम की धाराएं भी लगाई हैं। इसके बावजूद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में आजाद समाज पार्टी ने पुलिस अधीक्षक से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
घर के सामने बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक ग्राम पहाड़ी तिलवारन निवासी तुलसिया उर्फ रग्गू अहिरवार का मकान विहारीलाल विश्वकर्मा के मकान के सामने है। शिकायतकर्ता के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पहले से रंजिश चली आ रही है।
तुलसिया ने पुलिस को बताया कि 4 सितंबर को दोपहर करीब एक बजे वह अपने घर के बाहर कुर्सी पर बैठा था। इसी दौरान विहारीलाल विश्वकर्मा, मनीराम विश्वकर्मा और जयराम विश्वकर्मा वहां पहुंचे और कथित तौर पर गाली-गलौज करने लगे।
आरोप है कि जब तुलसिया ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ डंडे से मारपीट की। शिकायतकर्ता के अनुसार मारपीट में उसकी नाक, पीठ, आंख के नीचे और सिर में चोट आई। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंची पत्नी तुलसा अहिरवार और भतीजी स्वाति अहिरवार के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उन्हें जान से खत्म करने की धमकी भी दी गई।
BNS और SC-ST एक्ट की धाराओं में FIR
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में BNS की धारा 296(बी), 115(2), 351(3), 3(5) के साथ एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) और 3(2)(वीए) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। एफआईआर क्रमांक 0536/26 दर्ज होने का उल्लेख है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि जब आरोपियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज हो चुका है और गंभीर धाराएं भी लगाई गई हैं, तो अभी तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई, यह सवाल बना हुआ है।
अस्पताल पहुंची आजाद समाज पार्टी
मामले की जानकारी मिलने के बाद आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष संन्जू चौधरी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी और घटना की जानकारी ली।
पार्टी की ओर से पुलिस अधीक्षक से मांग की गई है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए वह उनके साथ खड़ा है।
गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर नजर
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर है। पीड़ित पक्ष और आजाद समाज पार्टी का आरोप है कि मामला दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई में देरी हो रही है।
वहीं, पुलिस की ओर से जांच के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपों की पुष्टि की जाएगी। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच के साथ सुरक्षा और न्याय की मांग की है। आजाद समाज पार्टी ने भी संकेत दिया है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा सकता है।
अब निगाहें कोतवाली पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं- क्या नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी या जांच के नाम पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
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