
सार
धर्मेंद्र सिंह लोधी|टीकमगढ़ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीब और पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले राशन में अनियमितता की शिकायतों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शिकायतों की जांच में खाद्यान्न वितरण, रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में गड़बड़ी मिलने के बाद कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने संबंधित उचित मूल्य दुकान संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई की जद में जिले की सात उचित मूल्य दुकानें और उनसे जुड़े संचालक आए हैं।
विस्तार
टीकमगढ़, 3 सितंबर 2026। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र हितग्राहियों को वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न में अनियमितताओं की शिकायतों को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। जिले की विभिन्न शासकीय उचित मूल्य दुकानों से राशन के वितरण में गड़बड़ी और हेराफेरी की शिकायतें सामने आने के बाद संबंधित दुकानों की जांच कराई गई।
प्रशासन के अनुसार, जांच के दौरान उचित मूल्य दुकानों के खाद्यान्न रिकॉर्ड, वितरण व्यवस्था और मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का परीक्षण किया गया। जांच में अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने संबंधित दुकान संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की कार्रवाई में छिपरी स्थित जिला थोक उपभोक्ता भंडार टीकमगढ़ दुकान के संचालक जितेंद्र अहिरवार, बिजरावन उचित मूल्य दुकान के संचालक उत्तम अहिरवार, बजीतपुर स्थित दुर्गेश नंदिनी ईंधन आपूर्ति सहकारी समिति के संचालक बैजनाथ अहिरवार, बड़ागांव की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति की संचालक ज्योति यादव, सुरजपुर की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बनेरा के संचालक लक्ष्मण लोधी एवं जगन्नाथ लोधी, भेलसी की रामलला नागरिक सहकारी समिति मर्यादित के संचालक चंद्रप्रकाश सुंडले तथा अजनौर की महिला बहुउद्देशीय सहकारी समिति मझार के संचालक अरविंद सिंह लोधी शामिल हैं।
प्रशासन की ओर से संबंधित थानों में प्रकरण दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। एफआईआर दर्ज होने के बाद मामलों में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की जांच और कार्रवाई का उद्देश्य PDS के तहत पात्र हितग्राहियों को मिलने वाले राशन की व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना बताया गया है।
कलेक्टर के निर्देश के बाद जिले के उचित मूल्य दुकान संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पात्र हितग्राहियों के हिस्से के राशन में किसी भी तरह की अनियमितता, हेराफेरी या रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में गड़बड़ी सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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