
डोनाल्ड ट्रम्प और मेलानिया ट्रम्प ने क्रिसमस के मौके पर बच्चों के साथ सैंटा क्लॉज को कॉल किया, जिसका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इस दौरान ट्रम्प दंपती बच्चों से बात करते नजर आए और उनसे क्रिसमस की तैयारियों को लेकर सवाल पूछे। यह कार्यक्रम व्हाइट हाउस की पारंपरिक क्रिसमस गतिविधियों का हिस्सा माना जा रहा है।
इस बीच, यीशु मसीह के जन्म स्थान बेथलेहम में 2 साल बाद क्रिसमस मनाया गया। लंबे समय से चले आ रहे तनाव और सुरक्षा हालात के कारण यहां उत्सव सीमित थे, लेकिन इस बार चर्चों में प्रार्थनाएं हुईं और श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखी गई। स्थानीय लोगों ने इसे उम्मीद और शांति का प्रतीक बताया।
उधर, यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच यूक्रेनी सैनिकों ने बॉर्डर पर क्रिसमस सेलिब्रेट किया। सैनिकों ने मोर्चे पर ही छोटे स्तर पर क्रिसमस मनाया, जहां प्रार्थना, गीत और आपसी शुभकामनाओं के जरिए उन्होंने एकजुटता दिखाई। युद्ध के हालात के बावजूद यह जश्न सैनिकों के मनोबल को बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से आई इन तस्वीरों और खबरों ने दिखाया कि क्रिसमस सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि उम्मीद और इंसानियत का संदेश भी है। चाहे राजनीति हो, युद्ध क्षेत्र हो या धार्मिक स्थल—हर जगह लोगों ने अपने-अपने तरीके से शांति और खुशी का जश्न मनाया।

