
अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से एक नई आर्थिक योजना का संकेत दिया है, जिसके तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को लगभग ₹92 हजार (करीब $1,000) की शुरुआती राशि दी जा सकती है। यह राशि एक विशेष निवेश फंड में जमा की जाएगी, जिसे बच्चे 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद शिक्षा, व्यवसाय या अन्य जरूरी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे। इस प्रस्ताव को अमेरिका में सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक अवसर बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस योजना में केवल सरकार ही नहीं, बल्कि बैंक और टेक कंपनियों की भागीदारी भी संभावित है। रिपोर्टों के अनुसार, निजी क्षेत्र की कंपनियां इस फंड में योगदान दे सकती हैं, जिससे बच्चों के लिए दी जाने वाली राशि समय के साथ बढ़ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना लागू होती है, तो यह अमेरिका में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और युवाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य अमेरिका में बढ़ती आर्थिक असमानता को कम करना और युवाओं को शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराना है। 18 साल बाद मिलने वाली राशि से छात्र उच्च शिक्षा का खर्च उठा सकेंगे या अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इस योजना के लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय संसाधनों की जरूरत होगी, जिससे सरकारी बजट पर दबाव बढ़ सकता है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रस्ताव आगामी चुनावों और सामाजिक नीति के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हो सकता है। यदि यह योजना लागू होती है, तो यह अमेरिका में कल्याणकारी योजनाओं के नए मॉडल के रूप में देखी जा सकती है। वहीं, ट्रम्प की यह पहल अमेरिका की आर्थिक नीति और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में संभावित बदलाव का संकेत भी देती है।









