
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को लेकर एक नई रिपोर्ट ने सियासी और कारोबारी हलकों में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रम्प ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर फैमिली बिजनेस को तेजी से आगे बढ़ाया। आरोप है कि इसी दौरान उनकी निजी संपत्ति में भारी इजाफा देखने को मिला।
रिपोर्ट के मुताबिक, महज एक साल के भीतर ट्रम्प की संपत्ति करीब ₹12,800 करोड़ तक बढ़ गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान होटल, रियल एस्टेट, ब्रांड लाइसेंसिंग और इंटरनेशनल डील्स से जुड़े कारोबार को बड़ा फायदा हुआ। आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति पद पर रहते हुए ऐसे कारोबारी विस्तार ने नैतिकता और हितों के टकराव को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्रम्प फैमिली का कारोबार सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं रहा। भारत में भी ट्रम्प परिवार से जुड़े 8 प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनमें रियल एस्टेट और लग्जरी प्रॉपर्टी से जुड़े निवेश शामिल बताए जा रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स को ट्रम्प ब्रांड के वैश्विक विस्तार का हिस्सा माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह रिपोर्ट अमेरिका में सत्ता और व्यापार के रिश्तों पर एक बार फिर बहस छेड़ सकती है। समर्थक जहां इसे कारोबारी कुशलता बताते हैं, वहीं आलोचक इसे राष्ट्रपति पद के दुरुपयोग से जोड़कर देख रहे हैं। आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर चर्चाएं और तेज होने की संभावना है।









