
कुख्यात एपस्टीन सेक्स स्कैंडल से जुड़ी फाइल्स में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर रेप का गंभीर आरोप लगाए जाने से अमेरिकी राजनीति में हलचल मच गई है। इन फाइल्स में एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों का जिक्र है, हालांकि अमेरिकी सरकार और जांच एजेंसियों ने साफ किया है कि इन दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। सरकार का कहना है कि आरोप बेहद संवेदनशील हैं, लेकिन कानूनी तौर पर अब तक पुष्टि योग्य प्रमाण सामने नहीं आए हैं।
फाइल्स के अनुसार, जिस महिला ने आरोप लगाए थे, उसकी बाद में गोली लगने से संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। इस मौत को लेकर भी लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। जांच एजेंसियों ने इसे रहस्यमयी मामला बताया, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या थी, हादसा या किसी साजिश का हिस्सा। इसी वजह से एपस्टीन केस से जुड़े हर नए खुलासे पर विवाद और अटकलें तेज हो जाती हैं।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि एपस्टीन से जुड़े मामलों में कई हाई-प्रोफाइल नाम सामने आए हैं, लेकिन सिर्फ आरोप या फाइल में दर्ज बयान के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। सरकार ने दोहराया कि कानून सबूतों के आधार पर ही कार्रवाई करता है और ट्रम्प के खिलाफ रेप के आरोपों को साबित करने के लिए फिलहाल कोई निर्णायक साक्ष्य मौजूद नहीं हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह मुद्दा ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका में चुनावी माहौल और राजनीतिक ध्रुवीकरण पहले से ही तेज है। एपस्टीन फाइल्स में ट्रम्प का नाम आना उनके समर्थकों और विरोधियों दोनों के बीच नई बहस छेड़ सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या इन आरोपों को लेकर कोई नई जांच शुरू होती है या मामला सिर्फ राजनीतिक विवाद बनकर रह जाता है।


