
ब्रिटेन ने अपनी सीमा सुरक्षा और इमिग्रेशन प्रणाली को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कई देशों के यात्रियों के लिए प्री-ट्रैवल डिजिटल परमिट अनिवार्य कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत करीब 85 देशों के नागरिकों को ब्रिटेन यात्रा से पहले ऑनलाइन परमिट लेना होगा, जिसकी फीस लगभग ₹1,970 निर्धारित की गई है। बिना इस अनुमति के यात्रियों को विमान या जहाज में सवार होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि यह डिजिटल परमिट प्रणाली यात्रा से पहले ही यात्रियों की पहचान और सुरक्षा जांच सुनिश्चित करेगी। इससे अवैध प्रवेश, सुरक्षा जोखिम और सीमा पर भीड़भाड़ को कम करने में मदद मिलेगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिसमें पासपोर्ट विवरण, यात्रा जानकारी और सुरक्षा प्रश्नों से जुड़ी जानकारी देनी होगी। स्वीकृति मिलने के बाद परमिट डिजिटल रूप में पासपोर्ट से लिंक हो जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह व्यवस्था अमेरिका और अन्य देशों की इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन प्रणाली जैसी है, जिसमें वीजा-मुक्त यात्रा करने वाले नागरिकों को भी पूर्व अनुमति लेनी होती है। ब्रिटेन का उद्देश्य यात्रा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, तेज और डेटा-आधारित बनाना है। आने वाले समय में यह प्रणाली सभी वीजा-मुक्त देशों पर लागू हो सकती है।
यात्रा उद्योग से जुड़े संगठनों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे टिकट बुकिंग से पहले ही डिजिटल परमिट के लिए आवेदन कर लें, क्योंकि बिना स्वीकृति यात्रा बाधित हो सकती है। यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय यात्रा नियमों में एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है, जिससे ब्रिटेन में प्रवेश प्रक्रिया अधिक नियंत्रित और तकनीकी रूप से उन्नत हो जाएगी।









