
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मोटे धान की रिकवरी पर 1% छूट प्रदान करने की घोषणा की है। राज्य में धान की खरीद प्रक्रिया जारी है और सरकार का दावा है कि इस निर्णय से लगभग 15 लाख किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। यह कदम प्रदेश में कृषि को बढ़ावा देने, उत्पादन लागत को संतुलित करने और किसानों की आय को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, धान के कुछ वैरायटीज़ में नमी और मोटाई के कारण पहले रिकवरी प्रतिशत कम कर दिया जाता था, जिससे किसानों को कई बार आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता था। नई छूट नीति के तहत मोटे धान की रिकवरी में राहत मिल रही है, जिससे किसानों को भुगतान अधिक और कटौती कम होगी। यह निर्णय खासकर उन किसानों के लिए राहतभरा है, जो मध्यम और मोटे दानों वाली धान की किस्में उगाते हैं।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि खाद्यान्न की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए यह छूट वैज्ञानिक मूल्यांकन के आधार पर दी गई है। इसके साथ ही, मंडियों में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से खरीद प्रणाली को डिजिटल माध्यम से जोड़ने की प्रक्रिया भी मजबूत की जा रही है। सरकार का मानना है कि इससे जमाखोरी और अनावश्यक बिचौलियों के हस्तक्षेप पर रोक लगेगी।

