
केंद्र सरकार UPA सरकार के दौर में बने दो अहम कानूनों में बदलाव की तैयारी कर रही है। मनरेगा में संशोधन के बाद अब शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) और खाद्य सुरक्षा अधिकार कानून (NFSA) में सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार का दावा है कि इन कानूनों को वर्तमान जरूरतों और व्यावहारिक चुनौतियों के अनुसार अपडेट किया जाना जरूरी हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा का अधिकार कानून में बदलाव के तहत स्कूलिंग सिस्टम की गुणवत्ता, जवाबदेही और सीखने के स्तर पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। वहीं, खाद्य सुरक्षा कानून में सब्सिडी, लाभार्थियों की पहचान और वितरण प्रणाली को लेकर सुधारों पर विचार चल रहा है, ताकि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंदों तक पहुंचे।
सरकार का मानना है कि बीते वर्षों में इन कानूनों के क्रियान्वयन में कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आई हैं। बदलते सामाजिक और आर्थिक हालात को देखते हुए नीतिगत सुधार जरूरी हो गए हैं। हालांकि, विपक्ष इसे UPA सरकार की प्रमुख योजनाओं को कमजोर करने की कोशिश बता सकता है।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इन कानूनों में प्रस्तावित बदलाव आने वाले समय में संसद और राजनीतिक गलियारों में बड़ी बहस का कारण बन सकते हैं। फिलहाल सरकार स्तर पर समीक्षा और परामर्श की प्रक्रिया चल रही है।

