
अमेरिका और चीन के बीच वर्षों से चल रहे ट्रेड वॉर में अब नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं। ताज़ा जानकारी के मुताबिक़ चीन ने अमेरिका से आयात होने वाले कई उत्पादों पर लगाए गए 24% तक के टैरिफ हटाने का बड़ा फैसला लिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच आर्थिक तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय से इस व्यापारिक संघर्ष का असर वैश्विक बाजार, निर्यात-आयात सेक्टर, निवेश और विनिर्माण गतिविधियों पर नकारात्मक रूप से पड़ रहा था। चीन के इस फैसले के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आगे चलकर व्यापारिक प्रक्रिया अधिक सुगम होगी और विदेशी कंपनियों को राहत मिलेगी। यह बदलाव उन उद्योगों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है, जो अमेरिका से कच्चा माल या तकनीकी उपकरण आयात करते हैं। दूसरी ओर, वैश्विक मार्केट में भी इस घोषणा के बाद सकारात्मक माहौल बना है, जहाँ शेयर बाजारों में तेजी की प्रवृत्ति देखी गई। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अमेरिका भी कुछ टैरिफ में बदलाव कर सकता है, जिससे व्यापार युद्ध के पूरी तरह खत्म होने की राह आसान होगी। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इस निर्णय से नवाचार, तकनीक साझा करने और निवेश के अवसरों में वृद्धि हो सकती है। कुल मिलाकर, यह फैसला न केवल दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की शुरुआत है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी राहत भरा संकेत माना जा रहा है।

